लौकिक साई बाबा

मैं आपके दिलों में प्रेम का दीपक जलाने आया हुँ जिसकी चमक दिन पर दिन बढ़ती रहनी चाहिए | मैं यहाँ किसी विशेष धर्म की ओर से नहीं आया हुँ | मैं यहाँ किसी एक संप्रदाय या पंथ या कोई कारण हेतु प्रचार करने भी नहीं आया हुँ और ना हि किसी सिद्धांत के लिए अनुयायी एकत्र करने| मेरे पास किसी भक्त या अनुयायी को अपने अथवा अन्य धर्मसंघ की ओर आकर्षित करने की कोई योजना नहीं है | मैं आपको एकात्मक श्रद्धा, आध्यात्मिक सिद्धांत, प्रेम के पथ, नैतिकता, कर्तव्य और दायित्व के बारे में बताने के लिए आया हुँ | 4 जुलाई 1968, बाबा

यह वेबसाइट आपको लौकिक साई बाबा की शिक्षाओं से अवगत कराता है, जो ब्रह्मांडीय चेतना की दिव्य प्रकाशपुंज हैं और जिसे मॉस घाटी, ऑस्ट्रेलिया की वैलेरी बैरो के माध्यम से प्रदान किया गया है |

आप साई बाबा की तस्वीर में अंग्रेजी अक्षर वी चमकता हुआ देख सकते हैं | आप इस के बारे में और अधिक यहाँ पढ़ सकते कि कैसे वैलेरी ने साई बाबा से यह विशेष उपहार प्राप्त किया |

लौकिक साईं बाबा द्वारा दिया गया ध्यान-योग

०६ अगस्त २०१३ को, मॉस घाटी में, वैलेरी बैरो के माध्यम द्वारा दिए गए सामान्य संचरण से पूर्व, लौकिक साई बाबा ने ध्यान-योग भी सिखाया| इस पृष्ठ पर आप इस ध्यान-योग को सुन व पढ़ सकते हैं और व्यक्तिगत अभ्यास के लिए आप इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं |

लौकिक साई बाबा प्रकाशमय शरीर में अपने आगामी उपस्थिती की घोषणा करते हैं

अपने सितम्बर और अक्टूबर २०१५ के हाल के संचारण में, लौकिक साई बाबा ने घोषणा की है कि वे अपने प्रकाशमय शरीर में सबको दिखाई देंगे| लौकिक साई बाबा ने सब से प्रार्थना करने के लिए कहा है ताकि सभी को उनकी उपस्थिती को देखने कि क्षमता की तैयारी की जा सके – क्योंकि – जैसा उन्होने कहा है कि उन्हें मंद, भारी और निम्न स्तर की ऊर्जा में आने में, और हमें, उन्हें देखने और सुनने में दिक्कत हो सकती है| हम निस्स्वार्थ प्रेम, प्रार्थना और आवभगत के विचारों से पृथ्वी का वातावरण हल्का बना सकते हैं ताकि लौकिक साई बाबा के प्रकाशमय शरीर का प्रत्यक्षीकरण हो सके|

लौकिक साई बाबा की घोषणा आप यहाँ पढ़ सकते हैं: सितम्बर २०१५ का संदेश, अक्टूबर २०१५ का संदेश आउट अप्रैल २०११ का विशेष संदेश

लौकिक साई बाबा ने, प्रकाशमय शरीर में, कोडईकनाल में २७ जून २०१४ को अपनी उपस्थिती की पुष्टि की है और आने वाले प्रकटन के बारे में भी बताया है| आप इस पृष्ट पर और अधिक पढ़ सकते हैं|

साधन या माध्यम

वैलेरी बैरो ने लौकिक साई बाबा की एक साधन या माध्यम बनने की कामना कभी नहीं की थी | उन्हें इस प्रयोजन के लिए चुना गया, जो दर्शाता है कि मानव शरीर दैवी उपदेशों के वितरण हेतु उपलब्ध है| शायद माया के पर्दे ने इस ब्रह्मांड के बहुत से प्रागितिहास को छिपा दिया है | पर अब समय आ गया है कि मानव जाति अपने मूल तथा उन तक लौट जाने वाले मार्गो को जानें|