०१.०४.२०१४

सादर प्रेम और आदर भाव के साथ हम लौकिक साईं बाबा का आह्वान करते हैं

“ मैं लौकिक साईं बाबा हूँ ! और मैं यहाँ आकर बहुत प्रसन्न हूँ, वाकई में बहुत प्रसन्न | मैं इस कमरे में कुछ समय से हूँ और आप सब को सुन रहा था|

कभी-कभार मैं आपके भीतर जिज्ञासा पैदा कर देता हूँ जिससे आप इन चीज़ों के बारे में विचार विमर्श करें; तो जो कुछ भी इस बैठक में वार्तालाप हुई है आपको इसके बारे में विचार करना पड़ेगा|

जब मैं यह कहता हूँ, कि मैंने प्रेरित किया तो मेरा अभिप्राय – या यूँ कहें – एक छोटे से दीपक की छवि, जो आप के निकट रखा है; और यदि आप उसकी ऊर्जा को स्वीकार करते हैं और अपना बना लेते हैं, यह आपकी अपनी पसंद है | इसी कारण से, यदि आप समझें, हम हस्तक्षेप करते हुए नहीं माने जाते|

वर्तमान में, बहुत ही कठिन समय चल रहा है, लेकिन आज सुबह, यहाँ पर दीवार की तरह भारी अंघकार होने की बातें हो रही थीं … …और यही शब्द मैंने लोगों के चारों ओर प्रवाह कर दिए हैं जिससे वे इन्हें अपनी समझ से प्रयोग कर सकें … … क्योंकि सब कुछ ऐसा ही तो है | यह गहन अंधकार की दीवार है जिससे इस धरती, ग्रह, आपकी सौर प्रणाली को गुज़रना पड़ रहा है|

यह समय भी बीत जाएगा| किन्तु अंधकार का भारीपन वह स्मृति पुनर्जीवित कर सकता है जब यह गृह भीषण अँधेरे में खो गया था| उन स्मृतियों के साथ, यह उन यादों को भी ला सकता है जो आप अभी होने वाली गतिविधियों को महसूस कर रहे हैं या बाद में करेंगे| मैं आपको आश्वासन दे सकता ऐसा कुछ नहीं होगा|

यह सब अतीत है|

अब से, पृथ्वी, यह गृह आगे बढ़ेगा | यह स्वर्ण योग के मार्ग पर आगे बढ़ चला है|

तो यदि आप “इसी के साथ-साथ चल रहें हैं”, या यूँ समझें कि वह एक गोलाकार में चक्कर काट रहा है – आप उसके भीतर जा रहे हैं या उसके आर पार; बस अपने आप को इस से बहुत अधिक प्रभावित होने की अनुमति न दें| बल्कि: ज़्यादा प्रार्थना करें; आपको मदद मिलेगी; नाम स्मरण करें; आपको मदद मिलेगी| और अपने मन (या अपने मस्तिष्क) को ऐसी सारी नकारात्मक चीज़ों से मुक्त रखें जो आपको या आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं| बस आगे कदम बढ़ाते जाइए|

इस गृह पर अब इसी का समय है तो इसे होने दीजिये| आप स्वयं पाएंगे कि यह समय भी गुज़र जाएगा| परन्तु हाँ, वर्तमान में यह बहुत ही कठिन दौर है| हम सब इस विषय पर जागरूक हैं| हम परग्रही, पृथ्वीवासियों को रही समस्याएं और उनके भारीपन को भली भातिं समझते हैं| इस समय मैं आप सबको यही आश्वस्त कर सकता हूँ कि “यह सब गुज़र जाएगा“|

तो यदि आप मुझे सुन रहे हैं और विश्वास करते हैं , आप अपने हृदय में इसे महसूस करेंगे| क्योंकि आपका हृदय भी यही संकेत दे रहा है कि आप ऐसी कोई भी ऊर्जा को साथ न लें जो आपकी नहीं है| आप उससे गुज़र रहे हैं, उसे महसूस कर रहे हैं, परन्तु उसे साथ लेने की आवश्यकता नहीं है, उससे मुक्त रहें| मैं आपसे ऐसा करने की प्रार्थना करता हूँ| लेकिन यह निश्चित रूप से आप पर निर्भर है, आप ही इस का चयन करेंगे|

आप इस ग्रह पर अपने जीवन जी रहे हैं, जहाँ मैं इस पल आपके समक्ष खड़ा हूँ| और यहाँ बहुत अन्धकार के साथ भारीपन है| इसे बहने दीजिये | यह यहाँ रहेगा नहीं; और इसके जाते ही यहाँ पर सब बहुत बेहतर हो जाएगा|

तो मेरे पास आपके लिए यही सबसे मुख्य ऊर्जापूर्ण जानकारी थी, क्योंकि सब कुछ ऊर्जा है और मैं चाहूंगा कि आप इसके बारे में सोचें और इसका स्मरण करें! भारी ऊर्जा को निश्चय ही प्रकाशित ऊर्जा में प्रतिस्थापित किया जा सकता है| यह सीधा सब के सृजनकर्ता से आता है, जो सार्वभौमिक प्रेम हैं ; इसलिए उस पर ध्यान केंद्रित करें, और हर नकारात्मक ऊर्जा को इससे दूर करें|

धन्यवाद मेरे बच्चों| लेकिन जाने से पहले मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहूंगा जिन्होंने मुझे पत्र लिखें हैं| मैं उन्हें, लिखने के लिए आशीर्वाद देता हूँ| मैं जानता हूँ, कई परेशान हैं, किन्तु बहुत से आभारी भी हैं| तो इसके बारे में सोचें| क्योंकि कृतज्ञता आपको सभी के स्रोत की उच्च ऊर्जा से जुङने में मदद करेगी| हम सब आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर हैं| धन्यवाद मेरे बच्चों |

परमेश्वर आपको आशीर्वाद दें, परमेश्वर आपको आशीर्वाद दें, परमेश्वर आपको आशीर्वाद दें|


आप लौकिक साई बाबा का प्रसारण यहाँ सुन सकते हैं:
 

 
यह एक 4.84 एमबी की एमपी ३ फाइल है, बजाने का समय 5.17′ है

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